Maiya Samman Yojana Rs 7500 Not Receive Reason: झारखंड सरकार द्वारा चलाई जा रही मंईया सम्मान योजना के तहत राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। इस योजना के तहत हर महीने लाभार्थियों के बैंक खातों में 7500 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाती है। हाल ही में सरकार ने जनवरी, फरवरी और मार्च महीने की राशि को मिलाकर एक साथ 7500 रुपये की किस्त लाभार्थियों के खाते में भेजने का निर्णय लिया था।
हालांकि, इस बार कई महिलाओं के खाते में यह राशि नहीं पहुंची है, जिससे लाभार्थी महिलाएं काफी परेशान हो रही हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं को इस बार की राशि नहीं मिली है, उनके पीछे कुछ विशेष कारण हो सकते हैं। अगर आपको भी मंईया सम्मान योजना के तहत मिलने वाली 7500 रुपये की राशि नहीं मिली है तो घबराने की जरूरत नहीं है।
इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि किन कारणों से आपको योजना का लाभ नहीं मिल सका और इसका समाधान क्या है। यदि आप मंईया सम्मान योजना की लाभार्थी महिला है और आपके खाते में अभी तक 7500 रुपये नहीं आए हैं तो आप इस पोस्ट को आखिर तक जरूर पढ़ें।
Maiya Samman Yojana Rs 7500 Not Receive Reason Overview
पोस्ट का नाम | Maiya Samman Yojana Rs 7500 Not Receive Reason |
योजना का नाम | मंईया सम्मान योजना |
शुरूआत | झारखंड सरकार |
लाभार्थी | झारखंड की महिलाएं |
सहायता राशि | 7500 रुपये (तीन महीने की राशि) |
भुगतान का तरीका | DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) |
भुगतान की तिथि | मार्च 2025 |
कुल लाभार्थी | 38 लाख महिलाएं |
आधिकारिक वेबसाइट | mmmsy.jharkhand.gov.in |
Maiya Samman Yojana क्या है?
मंईया सम्मान योजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने 7500 रुपये की राशि दी जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके जीवन स्तर को सुधारना है।
सरकार ने इस बार जनवरी, फरवरी और मार्च महीने की राशि को मिलाकर एक साथ 7500 रुपये की किस्त के रूप में लाभार्थियों के खातों में भेजने का निर्णय लिया था। हालांकि, सत्यापन और दस्तावेज़ से जुड़ी कुछ कमियों के कारण कई महिलाओं के खाते में यह राशि नहीं पहुंची है।
अब तक इस योजना के अंतर्गत राज्य की 67 लाख महिलाओं ने फॉर्म भरे हैं जिनमें से 57 लाख महिलाओं की खाते में पांचवी किस्त की राशी जमा की गई थी। जबकि छठी, सातवीं, आठवीं किस्त का भुगतान वर्तमान समय में 38 लाख महिलाओं को किया गया है और 18 लाख महिलाओं के आवेदन होल्ड पर है जिनके खाते में जल्द ही किस्त की राशि जमा की जाएगी।
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किन कारणों से 7500 रुपये की राशि नहीं मिली?
मंईया सम्मान योजना से 7500 रूपये की राशि नहीं मिलने के झारखंड सरकार ने उन मुख्य कारणों का खुलासा किया है जिनकी वजह से इस बार की 7500 रुपये की राशि कई महिलाओं के खाते में नहीं पहुंच पाई है। आइए जानते हैं इन कारणों को विस्तार से –
राशन कार्ड का न होना
- मंईया सम्मान योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी महिला के पास राशन कार्ड होना जरूरी है।
- जिन महिलाओं के पास राशन कार्ड नहीं है, उनके आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया है।
- राशन कार्ड पात्रता का एक मुख्य दस्तावेज़ है, इसके बिना मंईया सम्मान योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
आधार कार्ड और बैंक पासबुक में नाम की असमानता
- जिन महिलाओं के आधार कार्ड और बैंक पासबुक में नाम अलग-अलग है, उनके खाते में राशि ट्रांसफर नहीं की गई है।
- आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम समान होना जरूरी है।
- नाम की असमानता के कारण भुगतान प्रक्रिया में समस्या आ रही है।
बैंक खाता DBT से लिंक न होना
- मंईया सम्मान योजना का लाभ तभी मिलेगा जब लाभार्थी का बैंक खाता DBT से लिंक होगा।
- जिन महिलाओं के बैंक खाते DBT से लिंक नहीं हैं, उनके खाते में राशि ट्रांसफर नहीं हो पाई है।
- बैंक से संपर्क करके खाते को DBT से लिंक करवाने के बाद ही राशि ट्रांसफर होगी।
भौतिक सत्यापन पूरा न होना
- जिन महिलाओं का भौतिक सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि भौतिक सत्यापन के बिना योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- सत्यापन के बाद ही लाभार्थियों के खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी।
लाभार्थी महिला अयोग्य होना
- अगर महिला की सालाना आय ₹3 लाख से अधिक है तो उसे मंईया सम्मान योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- जिन महिलाओं का परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं मानी जाएंगी।
- अगर महिला पहले से किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ ले रही है तो उसे मंईया सम्मान योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
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कितनी महिलाओं के नाम लिस्ट से हटाए गए?
झारखंड सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, मंईया सम्मान योजना के तहत कुल 67 लाख महिलाओं के आवेदन प्राप्त हुए थे। सत्यापन के बाद सरकार ने 38 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ देने की मंजूरी दी थी। हालांकि, सत्यापन के बाद 18 लाख से अधिक महिलाओं के नाम योजना की लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
निष्कर्ष
मंईया सम्मान योजना के तहत जिन महिलाओं के खाते में इस बार राशि नहीं पहुंची है, उनके पीछे सत्यापन, दस्तावेज़ की त्रुटि और पात्रता की समस्या हो सकती है। अगर आपका नाम लिस्ट से हट गया है तो आप इसे दोबारा सुधार करके आवेदन कर सकती हैं। उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा बताई जानकारी आपके लिए उपयोगी रहा होगा। इसी प्रकार की जानकारी के लिए आप हमारे साथ जुड़े रहे, धन्यवाद।